गुरुवार, 15 जुलाई 2010


चेहरा मन का दर्पण है,
दिल की दर्पण आँखें
आँखों से इज़हार करें ,
स्वीकार
करें तब आँखें



1 टिप्पणी:

  1. कमाल कर दिया आप ने इन चार पंत्तियों में, चित्र संयोजन भी ग़ज़ब का है...

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