सार
क्षितिज पे पहुँचने की चाह कैसी, हम भी तो किसी के क्षितिज पर हैं, चलो क्षितिज से ही शुरुआत की जाए.
ख़ूबसूरत
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
ख़ूबसूरत
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
सोमवार, 21 जून 2010
पल
ख़ूबसूरत ये पल,
मिलेगा न कल,
न जाए निकल,
पकड़ लो इसे।
एहसास है,
एक रास है,
इतिहास है,
जकड़ लो इसे।
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)