काजल लगाने की तुमको सलाह दूं..
नैनो की ना दूं..टीका लगा दूं..
बोलूं..संभल के तू चलना शहर में..
छोटी डगर में या लंबे सफर में..
नजर बट्टू संग में तू रखना हमेशा..
चंदा रखें जैसे धब्बा हमेशा..
गुलाबों के संग जैसे कांटे रहे हैं..
घर वाले बच्चों को डांटे रहे हैं..
तुमको ये वाजिब सलाह दे रहा हूं.. जब घर पे आना.. रोग़न से तर इक ले रुईबत्ती .. सर पर घूमना..तब तक घूमना.. जब तक नजर सारी उसमें ना आए..
बत्ती में माचिस की तीली दिखाना.. तिल-तिल करे जब टपकने में बत्ती.. तब ये समझना नज़र गहरी कित्ती..🙂
काजल लगाने की तुमको सलाह दूं..
नैनो की ना दूं..टीका लगा दूं..







